How to Solve Blood Relation Problems – Tips and Tricks

0

How to Solve Blood Relation Problems – Tips and Tricks

How to Solve Blood Relation Problems – Tips and Tricks. Welcome to the www.studywale.co online Study Portal. If you are preparing for SBI Clerk, SBI PO and NABARD, SSC CGL, SSC CHSL, MTSexams 2017-18, you will come across a How to solve Partnership Problems. Here we are providing you some Tips and Tricks “How to Solve Blood Relation Problems – Tips and Tricks”.

This “How to Solve Blood Relation Problems – Tips and Tricks” is also important for other banking exams such as SBI PO, IBPS Clerk, SBI Clerk, IBPS RRB Officer, IBPS RRB Office Assistant, IBPS SO, SBI SO, SSC CGL, SS CHSL, MTS and other competitive exams.

How to Solve Blood Relation Problems

एसएससी की सभी परीक्षाओं के रीजनिंग भाग में ‘’रक्‍त संबंध’ विषय से प्रश्‍न शामिल होते हैं। इस विषय को बहुत महत्‍वपूर्ण माना जाता है तथा हर साल इस विषय से बहुत सारे प्रश्न पूछे जाते हैं। इस विषय को बहुत अधिक स्कोरिंग विषय माना जाता है। हम आपके लिए रक्त संबंधों के प्रश्‍नों को हल करने के लिए सभी महत्वपूर्ण टूल उपलब्‍ध करवा रहे है।

रक्‍त संबंध प्रश्‍नों को सरलता से कैसे हल करें

परिवार या रक्‍त संबंध का अर्थ है व्‍यक्ति संबंधों द्वारा जुड़ा होता है जैसे –

पिता-माता, पुत्र-पुत्री, भाई-बहन, दादा-दादी, चाचा-चाची, भांजा-भांजी, देवर-साली इत्‍यादि। सूची आगे बढ़ सकती है तथा पिता के पक्ष तथा माता के पक्ष से सदस्‍यों को जोड़ा जा सकता है।

परिवार/ रक्‍त संबंधों पर तर्क-वितर्क की परीक्षा में प्रश्न उस परिवार के अन्‍य सदस्‍यों के बीच संबंधों की श्रृंखला के आधार पर परिवार के अन्‍य सदस्यों के साथ एक विशेष व्‍यक्ति के संबंध के बारे में है।

परिवार/रक्‍त संबंध परीक्षा उम्मीदवार की जटिलता, लंबी और अस्पष्ट डेटा की समस्या की जड़ तक पहुंचने तथा उसे समझने की क्षमता का परीक्षण करने हेतु एक अभ्यास है।

उदाहरण 1: ‘राम’, ‘कुषा’ के पिता हैं लेकिन ‘कुषा’ उनका बेटा नहीं है। ‘माला’, ‘कुषा’ की पुत्री है। ’शलाका’, ‘राम’ की पत्‍नी है। ‘गोपाल’, ‘कुषा’ का भाई है। ‘हरि’, ‘गोपाल’ का बेटा है। ‘मीना’, ‘गोपाल’ की पत्‍नी है। ‘गणपत’, ‘मीना’ के पिता हैं। ‘राम’ की पोती कौन है ?

(1) हरि

(2) माला

(3) मीना

(4) शलाका

समाधान‘माला’, ‘कुषा’ की पुत्री है तथा ‘राम’, ‘कुषा’ के पिता हैं। इसलिए, ‘माला’, ‘राम’ की पोती है। अत:, उत्‍तर (2) माला है।

कुछ सामान्‍य शब्‍द

परिवार के संबंधों पर प्रश्‍नों में अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ शब्दों के अर्थ नीचे दिए गएहैं:

  1. a) पेरेंट– माता या पिता
  2. b) चाइल्‍ड – पुत्र या पुत्री (भले ही कोई वयस्‍क हो)
  3. c) सिब्लिंग– भाई या बहन (सामान्‍य तौर पर एक पेरेंट – सौतेला भाई तथा सौतेली बहन सहित)
  4. d) स्‍पाउस– पति या पत्‍नी

बुनियादी संबंध :- चाची, चाचा, भांजा तथा भांजी

  • अधिकांश अंग्रेजी बोलने वाले चार रिश्तों में से प्रत्‍येक के लिए “अंकल” का उपयोग करते हैं जैसे पिता का भाई, मां का भाई, पिता की बहन का पति या मां की बहन के पति।
  • फिर, “आंट” अंग्रेजी में इसका मतलब पिता की बहन, मां की बहन, पिता के भाई की पत्नी या मां के भाई की पत्नी हो सकता है।
  • भाई या बहन के बेटे को भतीजा/भांजा (नेफ्यू) कहा जाता है। भाई या बहन की बेटी को भतीजी/भांजी (नीस) कहा जाता है।
  • चाची या चाचा के बच्‍चों को चचेरे भाई-बहन (कज़न) कहा जाता है।

शब्‍द ‘-इन-लॉ’ (‘-in-law) को शामिल करने वाले संबंध

सामान्‍य

  • किसी भी रिश्ते के अंत में लगा शब्‍द -इन-लॉ यह इंगित करता है कि ये रिश्‍ता विवाह के द्वारा है और रक्त संबंध के द्वारा नहीं। दूसरे शब्दों में, -इन-लॉ पति/पत्‍नी के रक्‍त संबंधों में से होगा।
  • इन-लॉ संबंध शब्‍द हमेशा हाइफ़न के साथ लिखे जाते हैं। और “इन-लॉ” से पहले भाग पर बहुवचन बनता है;

उदाहरण के लिए“ब्रदर-इन-लॉ” तथा “ब्रदर-इन-लॉ” नहीं। केवल सामान्‍य शब्‍द ‘’-इन-लॉ’’ अपवाद है, जो हमेशा बहुवचन होता है।

फादर-इन-लॉ, मदर-इन-लॉ, सन-इन-लॉ तथा डॉटर-इन-लॉ

  • फादर-इन-लॉ पति या पत्‍नी के पिता हैं; मदर-इन-लॉ पति या पत्‍नी की माता हैं। यदि माता-पिता तलाकशुदा और पुनर्विवाह करते हैं, तो उनके नए जीवन साथी को सौतेले माता-पिता कहते हैं, न की मदर-इन-लॉ और फादर-इन-लॉ।
  • बेटी का पति दामाद (सन-इन-लॉ) है; पुत्र की पत्नी बहू (डॉटर-इन-लॉ) होती है। यदि पति / पत्नी के पूर्व विवाह से बच्चे हैं, तो उनको सौतेले बेटा/बेटी कहा जाता है, न ही सन-इन-लॉ या डॉटर-इन-लॉ। व्यक्ति उनके सौतेले पिता या सौतेली माँ है, न ही उनके फादर-इन-लॉ या सन-इन-लॉ ।

ब्रदर-इन-लॉ तथा सिस्‍टर-इन-लॉ

  • “ब्रदर-इन-लॉ” तथा “सिस्‍टर-इन-लॉ” प्रत्‍येक के दो या तीन अर्थ हैं :
  1. a) सिस्‍टर-इन-लॉ हो सकता है
  2. i) पति/पत्‍नी की बहन, या
  3. ii) भाई की पत्‍नी, या

iii) पति/पत्‍नी के भाई की पत्‍नी

  1. b) इसी तरह, ब्रदर-इन-लॉ हो सकता है
  2. i) पति/पत्‍नी का भाई, या
  3. ii) बहन का पति, या

iii) पति/पत्‍नी की बहन का पति

‘ग्रांड’ तथा ‘ग्रेट’ शब्‍दों को शामिल करने वाले संबंध

  • दूसरी पीढ़ी के संबंधों को शब्द से पहले ग्रांड लगाकर वर्णित किया जाता है।
  • इसी प्रकार, एक व्यक्ति के लिए, उसके ऊपर पहली पीढ़ी उसके माता-पिता (पिता / माता) की होगी। उसके ऊपर की अगली / दूसरी पीढ़ी माता-पिता के माता-पिता होंगे, जिन्हें उस व्यक्ति के ग्रांड पेरेंट्स / ग्रांड फादर / ग्रांड मदर कहा जाएगा। अगली / तीसरी पीढ़ी वाले माता-पिता को उस व्यक्ति के ग्रेट ग्रांड पेरेंट्स / ग्रेट ग्रांड फादर / ग्रेट ग्रांड मदर कहा जाएगा।
  • यह संपार्श्विक संबंधों (कोलेटरल रिलेशनशीप) पर भी लागू होता है

उदाहरण के लिए: एक व्यक्ति के भतीजे के बेटे को ग्रांड नेफ्यू कहा जाता है; ग्रांड फादर के भाई को ग्रांड अंकल कहा जाता है और इसी तरह।

  • चौथी पीढ़ी के संबंधों को ग्रेट ग्रेट ग्रांड कहा जाता है। उदाहरण के लिए, ग्रेट ग्रांड सन के बेटे को ग्रेट ग्रेट ग्रांड सन कहते हैं।

दो तरीके हैं कि मार्था की एक सौतेली बहन हो सकती है :

  1. a) यदि मार्था की माता ने दूसरी बार शादी की है, और उसके नए पति (मार्था के नए सौतेले पिता) की पहली शादी से एक बेटी है, तो वह बेटी मार्था की सौतेली बहन है क्योंकि उसके माता-पिता में से एक ने मार्था के माता-पिता में से एक से शादी की है।
  2. b) यदि मार्था के पिता ने दूसरी बार शादी की है, और उनकी नईं पत्नी की पहले से ही एक बेटी है, तो वह बेटी फिर से मार्था की सौतेली बहन है।

कुछ सामान्‍य संबंधों के सारांश

  • कुछ सामान्‍य संबंधों के सारांश टेबुलर रूप में नीचे दिए गए हैं :
Details of Relationship Relation
माँ या पिता का बेटा भाई
माँ या पिता की बेटी बहन
माँ या पिता का पिता  नाना या दादा
माँ या पिता की माँ नानी या दादी
बेटे की पत्नी बहू
बेटी का पति दामाद
पति या पत्नी की बहन ननद या साली
पति या पत्नी का भाई देवर/जेठ या साला
भाई या बहन का बेटा भतीजा या भांजा
भाई या बहन की बेटी भतीजी या भांजी
चाचा या चाची का बेटा/बेटी चचेरा भाई/ बहन
भाई की पत्नी भाभी
बहन का पति जीजा
पोते का बेटा या बेटी पर -पोता/ पोती

 

Print Friendly, PDF & Email
Quantitative Aptitude book For Banking and Insurance Exams